जिलाधिकारी श्री दीपक मीणा की अध्यक्षता में हरनन्दीपुरम के क्रय दर निर्धारण हेतु बैठक आहूत

 



बैठक में पुनरीक्षित सर्किल रेट के चार गुना में भूमि क्रय दर का हुआ निर्धारण


गाजियाबाद। महात्मा गांधी सभागार, कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी श्री दीपक मीणा की अध्यक्षता में गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की अत्यंत महत्वाकांक्षी योजना – हरनन्दीपुरम के क्रय दर निर्धारण हेतु बैठक आहूत हुई। बैठक के दौरान गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की अत्यंत महत्वाकांक्षी योजना – हरनन्दीपुरम के क्रय दर निर्धारण हेतु की गई बैठक में 4 गुना खरीद दर निर्धारित की गयी।

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण नए शहर प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत जनपद वासियों के लिए आधुनिक आवासीय योजना लाने की तैयारी कर रहा है। इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत हाल ही में शासन द्वारा प्रथम किस्त के रूप में रूपये 400 करोड़ की धनराशि निर्गत की गई थी। गत 5-6 माह से प्राधिकरण लगातार किसानों व भू-स्वामियों से कर की दर के संबंध में वार्ता कर रहा था। किसानों द्वारा अधिकतम धनराशि की मांग की गई थी तथा विकसित भूखंड देने हेतु भी प्राधिकरण के समक्ष शर्त रखी गई थी। इस योजना के तहत पूर्व में आठ राजस्व ग्राम चिन्हित किए गए थे, जिनमें से प्रथम चरण में पांच राजस्व ग्रामों — मथुरापुर, नगला फिरोजपुर, शमशेर, चंपत नगर और भनेड़ा खुर्द की भूमि खरीद का निर्णय लिया गया है।

जिलाधिकारी द्वारा 18 सितंबर 2024 को जनपद के सर्किल रेट का पुनरीक्षण किया गया था। आज दिनांक 29 मार्च 2025 को आयोजित बैठक में पुनरीक्षित सर्किल रेट के चार गुना में भूमि क्रय दर का निर्धारण किया गया है। भूमि खरीद की दर निर्धारित होने के उपरांत प्राधिकरण द्वारा अपने बोर्ड के माध्यम से भूमि खरीदने हेतु आने वाले व्यय का अनुमोदन लेते हुए अग्रेतर कार्यवाही की जाएगी। प्राधिकरण एक समय सीमा निर्धारित करते हुए आपसी सहमति से बैनामा करा भूमि लेगा। यदि समय सीमा में भूमि नहीं मिल पाती है, तो अधिग्रहण की कार्यवाही की जाएगी।

इस योजना से गाजियाबाद और दिल्ली-एनसीआर के लोगों को सुलभ और आधुनिक आवासीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी। प्राधिकरण द्वारा विकसित किए जाने वाले भूखंडों में बेहतर बुनियादी ढांचे (सड़क, जल आपूर्ति, सीवरेज, पार्क, कम्युनिटी सेंटर आदि) की सुविधा मिलेगी। मकान निर्माण के लिए बेहतर वातावरण और सुव्यवस्थित आवासीय कॉलोनियों का निर्माण किया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत क्रय की गई भूमि पर व्यावसायिक केंद्रों, शैक्षणिक संस्थानों, स्वास्थ्य सेवाओं और मनोरंजन स्थलों के विकास की भी योजना बनाई गई है। किसानों और भू-स्वामियों को उनकी भूमि का उचित मूल्य मिलेगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। योजना से नए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। गाजियाबाद और दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए, जो विशेषकर अपना मकान बनाना चाहते हैं, यह योजना उनके सपनों को साकार करेगी।

बैठक में मुख्य रूप से जीडीए उपाध्यक्ष श्री अतुल वत्स, जीडीए सचिव श्री राजेश सिंह, एडीएम ई श्री रणविजय सिंह, एडीएम एफ/आर श्री सौरभ भट्ट, ओएसडी जीडीए गूंजा​ सिंह, एसडीएम सदर श्री अरूण दीक्षित, एसडीएम लोनी श्री राजेन्द्र सहित सम्बंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।







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