सावधानी बरतें-हीटवेव (लू) सें बचें: एडीएम एफ/आर श्री सौरभ भट्ट



गाजियाबाद। हीट वेव (लू): भारतीय मौसम विभाग के अनुसार जब किसी जगह का स्थानीय तापमान लगातार 03 दिन तक वहां के सामान्य तापमान से 03 डि०से० या अधिक बना रहे तो उसे लू या हीट वेव कहते हैं। विश्व/अन्तर्राष्ट्रीय मौसम संघ के अनुसार यदि किसी स्थान का तापमान लगातार 05 दिन तक सामान्य स्थानीय तापमान से 05 डि० से० से अधिक बना रहे अथवा लगातार 02 दिनों तक 45 डि० से० से अधिक का तापमान बना रहे तो उसे हीट वेव या लू कहते हैं।

जब वातावरणीय तापमान 37 डि०से० तक रहता है तो मानव शरीर पर इसका कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ता है परन्तु जैसे ही यह तापमान इससे बढ़ जाता है तो हमारा शरीर वातावरणीय गर्मी को शोषित करने लगता है परिणामस्वरूप शरीर का तापमान प्रभावित होने लगता है। अंग्रेजी में इसे हीट स्ट्रोक या सन स्ट्रोक कहते हैं। गर्मी में उच्च तापमान में ज्यादा देर तक रहने से या गर्म हवा के झोंकों के संपर्क में आने पर लू लगती है। अभी गर्मी का प्रकोप आगे और बढ़ेगा इस लिए गर्मी बचाव के लिए विभिन्न उपायों को अपनाना चाहिए।

हीट वेव/लू प्रकोप से बचाव हेतु 'क्या करें"

1-कड़ी धूप में विशेष रूप से दोपहर 12.00 बजे से 3.00 बजे के बीच बाहर जाने से बचें।

2-हल्के रंग के ढीले-ढाले और सूती कपडें पहनें।

3-धूप में निकलते समय अपना सिर ढक कर रखें, कपडे, टोपी या छाता का उपयोग करें।

4-पर्याप्त और नियमित अन्तराल पर पानी पीतें रहें। सफर मे अपनें साथ पीने का पानी हमेशा रखें।

5-खुद को हाइड्रेट रखने के लिए ओआरएस घोल, नाारियल का पानी, लस्सी, चावल का पानी, नीबू का पानी, छांछ, आम का पन्ना इत्यादि घरेलू पेय पदार्थों को इस्तेमाल करें।

6-रेडियो, टीवी और समाचार पत्रो के माध्यम से स्थानीय मौसम एवं तापमान की जानकारी रखें।

7- कमजोरी, चक्कर आने या बीमार महसूस होने पर तुरन्त डॉक्टर से सम्पर्क करें।

8- अपने घर को ठंडा रखे, पर्दे, शटर आदि का इस्तेमाल करे।


हीट वेव/लू प्रकोप से बचाव हेतु 'क्या न करें'

1-भीषण गर्मी में दोपहर के समय अधिक श्रम वाली गतिविधियों को न करें।

2-उच्च प्रोटीन वाले भोजन से बचें और बासी भोजन न करें।

3-शराब, चाय, कॉफी और कार्बोनेटेड शीतल पेय पदार्थों का सेवन करने से बचें क्यो कि ये शरीर को निर्जलित करतें हैं।

4- दोपहर में जब दिन का तापमान अधिक हो उस दौरान खाना पकाने से बचें। रसोई घर को हवादार बनाये रखने के लिये खिडकी व दरवाजे खुले रखें।

5-रेडियो सुनिए, टी०वी० देखिए, स्थानीय मौसम समाचार के लिए समाचार पत्र पढ़े।

6-जहाँ तक संभव हो पर्याप्त पानी पियें, भले ही प्यास न लमे तेज गर्मी के दौरान अपने पशुओ को (गाय, भैंस, कुत्ता आदि ।) घर के भीतर रखें।

Comments